उत्तरकाशी, जन एक्सप्रेस। रामचन्द्र उनियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, उत्तरकाशी के सभागार में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में नव प्रवेशित छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बीएससी, बीए और बीकॉम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली और विभिन्न गतिविधियों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर नवागत विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने उच्च शिक्षा की नई यात्रा शुरू करने वाले छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कॉलेज जीवन विद्यार्थियों के भविष्य को आकार देने का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने और लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।
समय प्रबंधन और लक्ष्य निर्धारण पर जोर
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों को अपने व्यक्तित्व और व्यवहार को भी बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय अंचल के युवाओं में प्रतिभा और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जरूरत केवल उनकी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने की है। यदि युवा स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन और निरंतरता के साथ आगे बढ़ें तो वे देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। डीएम ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए सबसे पहले अपना लक्ष्य स्पष्ट करना जरूरी है। इसके बाद उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नियमित रूप से प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकाग्रता और लगन से किया गया प्रयास कठिन से कठिन रास्ते को भी आसान बना सकता है। विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने और अपनी प्राथमिकताएं तय करने की सलाह दी गई।
कॉलेज की व्यवस्था और गतिविधियों की दी जानकारी
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय प्रशासन और प्राध्यापकों ने नवागत छात्र-छात्राओं को कॉलेज की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालयीय पाठ्यक्रम, क्रेडिट प्रणाली और परीक्षा ढांचे के बारे में बताया गया।इसके साथ ही छात्रों को महाविद्यालय के पुस्तकालय, एनसीसी, एनएसएस और अन्य शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों को परिसर में अनुशासन बनाए रखने तथा महाविद्यालय के नियमों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान नए विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि उच्च शिक्षा केवल परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जिम्मेदारी और भविष्य के करियर निर्माण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
विद्यार्थियों को नई शुरुआत के लिए किया प्रेरित
कार्यक्रम में वक्ताओं ने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ अपनी कॉलेज यात्रा शुरू करने का आह्वान किया। नवागत छात्र-छात्राओं को महाविद्यालय में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने और अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य पंकज पंत सहित अन्य प्राध्यापक, महाविद्यालय प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। ओरिएंटेशन कार्यक्रम के माध्यम से नए विद्यार्थियों को कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था से परिचित कराने के साथ-साथ उन्हें बेहतर भविष्य के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और अनुशासित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।
https://youtu.be/MCIJvnhbPxQ?si=Dh_PcLc0DIuEmlfL






