दो दिनों से हो रही बारिश ने लोगों का जीना किया दुश्वार

जन एक्सप्रेस / बिल्हौर: कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के कारण कई कच्चे मकान और कोठरियां गिर गईं, जबकि ईशन नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में पानी पहुंच गया है। कई बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई, वहीं तेज कटान के कारण किसानों की खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
अरौल थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत बकोठी में बारिश के कारण विकलांग रामसेवक वाल्मीकि पुत्र छोटेलाल वाल्मीकि का कच्चा मकान भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद परिवार ने पास में बनी एक झोपड़ी में शरण ली थी। देर रात लगातार बारिश के बीच झोपड़ी के पास खड़ा भारी-भरकम हरा नीम का पेड़ अचानक झोपड़ी पर गिर गया। पेड़ गिरते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। किसी तरह परिवार के सभी सदस्य झोपड़ी से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे। हादसे के बाद परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया है और उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।

कई घर और कच्ची कोठरियां बारिश में ढहीं
बकोठी पुरवा में भी लगातार बारिश का असर देखने को मिला। यहां रामादेवी पत्नी स्वर्गीय विमल कुमार कटियार का मकान गिर गया। मकान के मलबे में गृहस्थी का पूरा सामान दब गया। इसी क्षेत्र में ममता पत्नी स्वर्गीय मानसिंह की कच्ची कोठरी भी गिर गई।
अनिल कुमार सक्सेना पुत्र रामशंकर सक्सेना की कच्ची कोठरी भी बारिश के कारण धराशायी हो गई। वहीं संजय कुमार पुत्र बेचेलाल के घर की एक दीवार गिर गई। लगातार बारिश के चलते ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के सामने सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है।
ईशन नदी का जलस्तर बढ़ा, घरों तक पहुंचा पानी
बारिश के साथ ईशन नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। ग्राम बेर्राखानपुर में नदी का पानी कई घरों तक पहुंच गया है। पानी बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं और लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं खासपुर गांव में नदी का पानी कई बीघा धान के खेतों में भर गया। खेत जलमग्न होने से किसानों की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। नदी के बढ़ते जलस्तर और कटान के कारण ग्रामीण इलाकों में स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है।

चौबिगही की मुख्य सड़क बनी तालाब
विकासखंड बिल्हौर के ग्राम चौबिगही में भी बारिश के बाद भारी जलभराव हो गया। मुख्य सड़क पर पानी भरने के कारण सड़क तालाब में तब्दील हो गई। ग्रामीणों और राहगीरों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। जलभराव के कारण रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
नव निर्मित थाना परिसर में भी जलभराव
लगातार बारिश ने बिल्हौर के नव निर्मित थाना परिसर की जल निकासी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए। थाना परिसर में चारों तरफ पानी भर गया और पूरा परिसर तालाब जैसा दिखाई देने लगा। जलभराव के कारण पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों को परिसर में आने-जाने में परेशानी हुई।
चार बीघा में खड़ी फसल बारिश और कटान की भेंट चढ़ी
ग्राम पंचायत बेदीपुर के गढ़ गांव निवासी किसान वीरेंद्र पाल ने बताया कि उनके चार बीघा खेत में बैंगन और हरी मिर्च की फसल खड़ी थी। लगातार बारिश और तेज कटान के कारण पूरी फसल नष्ट हो गई। वीरेंद्र पाल के मुताबिक, वह ऑटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं और खेती उनकी अतिरिक्त आय का सहारा थी। फसल बर्बाद होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांगी राहत
लगातार बारिश के कारण बिल्हौर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन प्रभावित है। कहीं मकान गिरने से परिवार बेघर हो गए हैं तो कहीं जलभराव और नदी के बढ़ते पानी ने आवागमन मुश्किल कर दिया है। किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या दूर कराने, प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा किसानों को फसल नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। अब ग्रामीणों को प्रशासन की राहत और नुकसान के आकलन का इंतजार है।





