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श्रीनगर में G20 बैठक की सफल मेजबानी से यह साबित हुआ

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति अब शांतिपूर्ण है और श्रीनगर में जी20 बैठक की सफल मेजबानी ने यह साबित कर दिया है। कश्मीर घाटी में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन या शिलान्यास करते हुए शाह ने कहा कि विकास का पैसा पहले कुछ लोगों की जेब में जाता था लेकिन अब उन सभी लोगों को विकास का फल मिल रहा है जो इसके पात्र हैं। उन्होंने कहा कि जब श्रीनगर में जी20 की बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया, तो कई लोगों ने विभिन्न टिप्पणियां कीं।

पत्थर चलाने में हमारा भविष्य नहीं
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में परिवर्तन आ रहा है, यहां के युवाओं से मैं विशेषकर अपील करना चाहता हूं कि आप परिवर्तन के साथ जुड़ जाए। उन्होंने कहा कि पत्थर चलाने में हमारा भविष्य नहीं है, हाथ में हथियार पकड़ने में हमारा भविष्य नहीं है.. हमारा भविष्य हाथ में लैपटॉप देकर, जम्मू-कश्मीर और देश के विकास के साथ जुड़ने में हैं।

पहले की सरकारों पर निशाना
शाह ने कहा कि पहले जम्मू-कश्मीर में पैसा तो आता था लेकिन जिसके लिए आता था उसके पास नहीं पहुँचता था। यहाँ के नेताओं के विदेशों में बड़े-बड़े घर कैसे बने हैं? क्या बिजनेस है? यहाँ की जनता को पूछना चाहिए कैसे गर्मी के दिनों में यह लोग विदेश जाकर 45-60 दिनों की छुट्टियाँ मनाते हैं? उन्होंने कहा कि DBT के माध्यम से जो करोड़ों रूपये सीधे जनता के बैंक खातों में पहुंचा है वो पहले भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था। उन्होंने कहा कि अगर आप शासन करने और सत्ता को भोगने के लिए आते हैं तो परिवर्तन नहीं होता है। मगर आप जनता के सुख-दुख और उनकी प्रगति के साथ मन से जुड़े हुए होते हैं तभी परिवर्तन होते हैं। मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में लाए गये ये सकारात्मक परिवर्तन इसका उदाहरण है।

370 पर रखी बात
अमित शाह ने कहा कि फारूख अब्दुल्ला साहब कहते हैं कि भारत लोकतंत्र की जननी है लेकिन जम्मू-कश्मीर में आकर लोकतंत्र समाप्त हो जाता है। जब उनके पिता जी और दादा जी का राज था तब यहाँ लोकतंत्र 80–85 लोगों के बीच सिमट कर रह गया था। ये लोग चुनाव नहीं होने देते थे और न पंच सरपंच चुनने देते थे। उन्होंने कहा कि लेकिन जब मोदी सरकार ने धारा 370 को समाप्त किया तब जम्मू-कश्मीर में लोकतंत्र की नई सुबह हुई।

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