मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल ग्रुप से जलभराव वाले इलाकों में फंसे लोगों की मदद करने की अपील की

चंडीगढ़ । हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इंडियन ऑयल पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स प्रबंधक मण्डल से आग्रह किया कि गत दिनों राज्य में हुई भारी बारिश के चलते जिन जिलों में नुकसान हुआ है, वहां राहत व बचाव कार्यों में अपना योगदान अवश्य दें। भारी बारिश के कारण 239 गांव प्रभावित हुए हैं, इन गांवों में सरकार हर स्तर पर राहत व बचाव का का काम कर रही है।
मुख्यमंत्री बुधवार को पानीपत में इंडियन ऑयल पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की रजत जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री श्री रामेश्वर तेली भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वर्ष 1998 में इंडियन ऑयल पानीपत रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की स्थापना से हरियाणा को रिफाइनरी उद्योग में विश्व के मानचित्र पर एक नई पहचान मिली है। इसकी स्थापना के समय इसकी रिफाइनिंग क्षमता 6 मिलियन मीट्रिक टन थी, जो इस समय 15 मिलियन मीट्रिक टन है। इंडियन ऑयल ने इस रिफाइनरी के लिए आने वाले वर्षों में 25 मिलियन टन तक बढ़ाने की योजना बनाई है। इस पर 35 हजार करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस विस्तार के लिए हरियाणा सरकार की ओर से रिफाइनरी को कोई कठिनाई नहीं आने दी जाएगी। विस्तार के लिए रिफाइनरी के आसपास के 3 गांवों पाल जाटान, खंडवा और आसन कलां की पंचायतों से बात हुई है और उन्होंने ऑफर किया है कि वे लगभग 350 एकड़ पंचायती जमीन इंडियन ऑयल को देने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफाइनरी ने समाज के सभी वर्गों के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए हैं। हाल ही में समालखा और पानीपत के सिविल अस्पतालों को सी.बी.नाट मशीनें प्रदान की गई हैं जिसके मरीजों को काफी लाभ हुआ है। इस पहल को आगे बढ़ाते हुए आज के इस शुभ अवसर पर इंडियन ऑयल द्वारा हरियाणा के 22 जिलों में एक्सरे मशीनें उपलब्ध कराई है यह बहुत ही सराहनीय कार्य है। इससे टीबी की प्रारंभिक स्तर पर ही पता लगेगा और जल्द इलाज संभव होने से मरीज स्वस्थ होंगे।
इस अवसर, मुख्यमंत्री ने इंडियन ऑयल रिफाइनरी वनस्थली का उद्घाटन किया। रिफाइनरी द्वारा पानीपत की भूमि को हरा-भरा बनाने की दिशा में 12 एकड़ भूमि पर 40 हजार से ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। वृक्षारोपण के इन कामों से पूरे पर्यावरण के लिए बहुत फायदा होगा। इस पर लगभग 441 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय से देशभर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व के 100 विरासत पर्यटन स्थलों पर शुरू की गई स्वच्छ आईकोनिक स्थल पहल के अंतर्गत इंडियन ऑयल द्वारा ब्रह्म सरोवर में एसआईपी-3 कार्यकलाप का भी उद्घाटन किया। इंडियन ऑयल ने इस धार्मिक स्थल का स्वच्छता व सौंदर्यीकरण का लिए कई काम किए जाएंगे, इससे प्रतिवर्ष इस पवित्र तीर्थ स्थल पर आने वाले लगभग एक करोड़ पर्यटकों को लाभ होगा।
इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कुशल नेतृत्व में हरियाणा देश की विकास यात्रा में विशेष योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में भारत सबसे तेजी से उभरता हुआ राष्ट्र है। हाल ही में भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। पानीपत रिफाइनरी अपनी क्षमता में वृद्धि करने जा रही है, जिससे ऊर्जा खपत के मामले में देश के आयात में कमी आएगी, जिससे विदेशी मुद्रा बचेगी।
उन्होंने कहा कि ग्रीन हाइड्रोजन के रूप में इंडियन ऑयल पानीपत रिफायनरी सात हजार टन क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट स्थापित करने जा रहा है। इस पर 60 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इस मेगा परियोजनाओं से हरियाणा के ही नहीं बल्कि देश के आर्थिक विकास में बहुत तेजी आएगी। जहां भी ऐसे परिसर लगाते हैं, उनके आसपास के क्षेत्र में विकास के कई अवसर उत्पन्न होते हैं और कई छोटे-छोटे उद्योग भी जन्म लेते हैं।






