विदाई के साथ प्रदेशाध्यक्ष जोशी ने दिया एकजुटता का संदेश

श्रीगंगानगर । भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने श्रीगंगानगर जिले के दौरे के दौरान जहां कार्यकर्ताओं और नेताओं की नब्ज टटोली, वहीं उन्हें कई संदेश और नसीहत भी दी। सबसे रोचक दृश्य शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे भाजपा जिला कार्यालय में उस समय देखने को मिला, जब वे हनुमानगढ़ के लिए रवानगी ले रहे थे। उन्होंने गाड़ी में अपने साथ सांसद निहालचंद और रायसिंहनगर विधायक बलवीर सिंह लूथरा को पीछे की सीट पर साथ-साथ बिठाया और दोनों के साथ भाजपा की प्रदेश मंत्री प्रियंका बैलाण बैठी। गाड़ी को भाजपा नेता गुरवीर सिंह बराड़ ने ड्राइव किया। सांसद निहालचंद और विधायक बलवीर लूथरा राजनीतिक मामलों में एक-दूसरे के विरोधी नेता माने जाते हैं और कई कार्यक्रमों को लेकर दोनों में 36 का आंकड़ा भी सामने आ चुका है। जब वे एक सीट पर साथ-साथ बैठे तो कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश भी गया।
पहले स्वागत, फिर टिकट का दावा पेश किया
सीपी जोशी के दौरे के दौरान गुरुवार से विधानसभा चुनाव के लिए टिकट के दावेदारों ने अपना शक्ति प्रदर्शन करने के लिए खूब भागदौड़ की। कई नेता सीपी जोशी को मिलने के लिए आज सुबह भी सर्किट हाउस पहुंचे। उन्होंने पहले स्वागत किया और फिर टिकट के लिए अपना दावा भी पेश किया। इनमें केसरीसिंहपुर नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन महेन्द्र रस्सेवट सहित कई नेता शामिल हैं। इस संबंध में जब रस्सेवट से बात की तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी टीम के साथ श्रीकरणपुर विधानसभा से टिकट का दावा पेश किया है।
हर घर तक पहुंचेंगे, तब बात बनेगी
प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने शुक्रवार सुबह पार्टी कार्यालय में पार्टी के विभिन्न मंडल प्रमुखों और उनसे ऊपर के पदाधिकारियों की बैठक ली। बैठक में उन्होंने एकजुटता पर जोर देते हुए अधिकाधिक लोगों को पार्टी से जोडऩे का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इसके लिए संबंधित क्षेत्र के हर घर तक पहुंचना होगा, तब बात बनेगी।
ऊपर चुनावी चर्चा और नीचे इंतजार…
जब पार्टी कार्यालय की दूसरी मंजिल पर सीपी जोशी पदाधिकारियों की बैठक ले रहे थे, उस दौरान कई नेता और कार्यकर्ता फ्लोर पर बैठकर मीटिंग खत्म होने का इंतजार रहे थे। वहीं भाजपा के युवा नेता गुरवीर सिंह बराड़ अपने समर्थकों के साथ सोफे पर बैठकर दौरे को लेकर चर्चा करते नजर आए। दौरे की थकान के चलते उन्हें कई बार उबासी आ रही थी और फोन की घंटी बजने पर वे एकदम एक्टिव होकर बात कर रहे थे। वहीं कई कार्यकर्ता चाय की चुटकियों के साथ चर्चा में व्यस्त थे। वहीं महेंद्र रस्सेवट अपने समर्थकों के साथ दूसरे कमरे में बैठकर जोशी से पुन: मिलने का इंतजार कर रहे थे।






