जबरन धर्मांतरण कराने के आरोप में आठ गिरफ्तार, मुकदमा दर्ज
पुलिस ने न्यायालय पर किया पेश

जन एक्सप्रेस/संवाददाता
मिहींपुरवा, बहराइच। जिले में धर्मांतरण कराने की घटनाएं आम होती जा रही हैं। अभी हाल के कुछ दिनों पहले नानपारा कोतवाली थाना क्षेत्र में धर्मांतरण कराने का मामला सामने आया था। वही गुरुवार की शाम कुछ लोग मूर्तिहा थाना क्षेत्र में जबरन धर्मांतरण करा रहे थे। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर धर्मांतरण कराने के आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। फिलहाल पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में उप जिलाधिकारी न्यायालय मिहींपुरवा में पेश किया।
कोतवाली मुर्तिहा थाना क्षेत्र के एक गांव में गुरुवार को बहराइच और लखीमपुर के कुछ लोग ग्रामीणों से मिलकर लोभ- लालच देकर और कुछ ग्रामीणों का जबरन धर्मांतरण करा रहे थे। जिसकी जानकारी हिंदू संगठनों ने कोतवाली पुलिस को दी। जिस पर प्रभारी निरीक्षक शशि कुमार राणा ने टीम गठित कर मौके पर दबिश दी। पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक गजेंद्र पांडेय, उपनिरीक्षक मदन लाल गौतम, हेड कांस्टेबल जय प्रकाश सिंह, कांस्टेबल राजेश यादव, अंकित यादव, महीप शर्मा, रामू गौड़
महिला कांस्टेबल नीलम यादव के साथ मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली और धर्मांतरण करा रहे राधेश्याम दिवाकर पुत्र बिन्द्र प्रसाद निवासी ग्राम अकठी थाना धौरहरा जनपद खीरी, भोला पुत्र श्री किशुन ग्राम लौकही दाखिला अमृतपुर, प्रकाश पुत्र सोहन लाल निवासी प्रेमनगर जंगल मटेरा, बृजमोहन पुत्र राम प्रवेश ग्राम पृथ्वीपुरवा हरखापुर,
मगतू विश्वकर्मा पुत्र बेचन निवासी ग्राम नयापुरवा दाखिला लालबोझा, राजेश विश्वकर्मा पुत्र रामगोपाल निवासी ग्राम बेझा, उमेश यादव पुत्र संतोष यादव निवासी अचाकपुरवा दाखिला अमृतपुर थाना कोतवाली मुर्तिहा और
राजेश निषाद पुत्र पलटू प्रसाद निवासी जालिमनगर पुल दाखिला गिरगिट्टी थाना मोतीपुर जनपद बहराइच विरासत में ले लिया। इन सभी लोगों के खिलाफ थाने पर जबरन धर्मांतरण कराने, लोगों को बहलाने अशांति फैलाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को उप जिलाधिकारी मिहींपुरवा के न्यायालय पर पेश किया। जिले में कोतवाली नानपारा थाना क्षेत्र में अभी हाल के दिनों में धर्मांतरण की घटना हुई थी इसमें हिंदू संगठनों के लोगों ने विरोध किया था। अभी कुछ दिन पहले हिंदू संगठन के एक पदाधिकारी को धर्मांतरण कराने के आरोपियों की ओर से न सिर्फ धमकी मिली थी। बल्कि गंभीर रूप से मारपीट कर घायल कर दिया गया था। जिले में धर्मांतरण की घटनाएं इससे पहले भी हुई हैं। जिसको हिंदू संगठन के लोग काफी गंभीर है।






