भारतवंशी ऋषि सुनक और लिज ट्रस के भाग्य का होगा फैसला
नए प्रधानमंत्री का ऐलान आज शाम भारतीय समय के अनुसार 5 बजे हो जाएगा। भारतीय मूल के 42 वर्षीय ऋषि सनक या फिर 47 वर्षीय लिज़ ट्रस किसे मिलेगी ब्रिटेन की कमान इसका ऐलान इस बार बर्मिंघम पैलेस से नहीं बल्कि स्काटलैंड से इसकी घोषणा होगी। ब्रिटेन में अब तक हुए सर्वे में सामने आया है कि लिज ट्रस कंजर्वेटिव पार्टी के कार्यकर्ताओं की पहली पसंद हैं। उन्हें ऋषि सुनक के खिलाफ अच्छी-खासी बढ़त मिली है।
कब आएगा परिणाम?
परिणाम सोमवार को दोपहर 12.30 बजे बीएसटी (भारत में शाम 5 बजे) घोषित किया जाएगा। घोषणा सर ग्राहम ब्रैडी द्वारा की जाएगी, जो 1922 की समिति के अध्यक्ष हैं, जिसमें संसद में सभी कंजर्वेटिव पार्टी बैकबेंचर्स शामिल हैं। यह स्थिति सैद्धांतिक रूप से बदल सकती है यदि घोषणा से पहले सुनक या ट्रस पहले ही हार मान लेते हैं। जुलाई 2016 में ऐसा ही कुछ हुआ था जब एंड्रिया लेडसम ने पहले ही दावेदारी छोड़ दी, जिससे थेरेसा मे के प्रधान मंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया था। लेकिन इसकी संभावना न के बराबर है।
क्यों चुना जा रहा नया पीएम
कंजरवेटिव्स के नए नेता और नए पीएम के चुनाव की प्रक्रिया तब शुरू हुई, जब बोरिस जॉनसन को उनकी पार्टी में बड़े पैमाने पर विद्रोह से सत्ता से बाहर होना पड़ा। शुरुआत में मैदान में 11 दावेदार थे। टोरी एमपी वोटों की एक सीरिज के बाद प्रतियोगिता सुनक बनाम ट्रस तक सीमित हो गई। सुनक ने इन सभी आंतरिक चुनावों में लीड बनाए रखी। इसके बाद, दो दावेदारों का भाग्य कंजर्वेटिव पार्टी के सदस्यों के हाथों में चला गया। उनकी सही संख्या ज्ञात नहीं है। लेकिन द गार्जियन ने बताया कि लगभग 150,000 रजिसटर्ड थे और 2019 में पिछले चुनाव में मतदान करने के योग्य थे। उनकी संख्या अब 180,000 और 200,000 के बीच हो सकती है। द गार्जियन ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी में माइल एंड इंस्टीट्यूट के शोध का हवाला दिया, जो बताता है कि टोरी की 44% सदस्यता 65 से अधिक है, 97% श्वेत हैं, और 54% लंदन और इंग्लैंड के दक्षिण में रहते हैं।
सुनक या ट्रस
भारतवंशी ऋषि सुनक के साथ तीन टीवी डिवेट, देशव्यापी दौरों और कई सर्वे के बाद लिज ट्रस फिलहाल पीएम की रेस में सबसे आगे हैं। वोरिस सरकार में 47 वर्षीय लिज ट्रस विदेश मंत्री हैं। शुरू में सनक की ‘रेडी फॉर ऋषि नामक कैंपेन ने कमाल कर दिया। लेकिन बाद में साजिद जाविद, नादिम जहावी निलाइन और पोस्टल और मोईट जैसे सांसदों ने पाला बदल लिया।






