जन एक्सप्रेस / नई टिहरी। टिहरी विधानसभा क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान के तहत पूर्व मंत्री दिनेश सिंह धनाई लगातार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने जाखणीधार विकास खंड के अंतर्गत ग्राम परसारी खांड एवं दणोली का भ्रमण कर जन-संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी व्यक्तिगत और क्षेत्रीय समस्याओं को गंभीरता से सुना।
जनसभा को संबोधित करते हुए धनाई ने कहा कि वह चुनाव से पहले पूरे टिहरी विधानसभा के प्रत्येक गांव का भ्रमण कर रहे हैं ताकि लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझ सकें और उनके समाधान के लिए प्रयास कर सकें। उन्होंने कहा कि आज के समय में जनप्रतिनिधि जनता को आसानी से उपलब्ध नहीं होते, लेकिन वह स्वयं जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनने और समाधान का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि जनता को अपने प्रतिनिधियों से पांच साल का हिसाब मांगना चाहिए। जब तक जनता जागरूक नहीं होगी, तब तक क्षेत्र का समुचित विकास संभव नहीं है। धनाई ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियों को गिनाते हुए बताया कि उन्होंने क्षेत्र में पानी की समस्या को दूर करने के लिए वर्षों से लंबित कोशियार पंपिंग पेयजल योजना को शुरू कराया था, जिससे लोगों को राहत मिली। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों में इस योजना का विस्तार नहीं हो पाया है और कई गांव आज भी पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।
उन्होंने आगे बताया कि उनके कार्यकाल में जाखणीधार क्षेत्र में पॉलिटेक्निक, एएनएम सेंटर की स्थापना के साथ-साथ दणोली सड़क सहित कई अन्य सड़कों का निर्माण और डामरीकरण कराया गया था, जिससे क्षेत्र में विकास को गति मिली।
जन-संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्राम परसारी की प्रधान सुस्ती रतूड़ी ने गांव में हैंडपंप लगाने की मांग उठाई। वहीं दणोली के ग्रामीणों ने ओबीसी प्रमाण पत्र बनाने में आ रही दिक्कतों और घरेलू गैस की होम डिलीवरी में हो रही परेशानियों को प्रमुखता से रखा। धनाई ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद सेमवाल, ग्राम प्रधान दणोली नवमी देवी, पूर्व प्रधान रामगोपाल चौहान, शूरवीर सिंह चौहान, मणीराम पाण्डेय, पीताम्बर रतूड़ी सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में लोगों की भारी भागीदारी देखने को मिली, जो क्षेत्र में जन-संवाद के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।






