हरदोई में भ्रष्टाचार की बलि चढ़ा धीरपुर-सूरापुर मार्ग, दो माह में उखड़ी सड़क बनी तालाब

प्रशांत तिवारी संवाददाता
जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई-हरपालपुर रोड से जुड़ने वाला धीरपुर-सूरापुर मार्ग विभागीय लापरवाही और कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, करीब दो माह पहले तैयार हुई सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि जगह-जगह सड़क उखड़ गई है और बारिश का पानी भरने से मार्ग तालाब में तब्दील हो गया है। जलभराव और गहरे गड्ढों के बीच से ग्रामीणों को आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
दर्जनों गांवों के आवागमन का प्रमुख रास्ता
धीरपुर-सूरापुर मार्ग मिघौली, धीरपुर, सूरापुर, भटौली और ललुआमऊ समेत दर्जनों गांवों को हरपालपुर मुख्य बाजार और तहसील से जोड़ता है। सड़क पर पानी भरा होने और जगह-जगह गहरे गड्ढे होने के कारण राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक रोजाना बड़ी संख्या में लोग इसी मार्ग से आवागमन करते हैं।
दोपहिया वाहन चालक व स्कूली बच्चे हो रहे चोटिल
ग्रामीणों का कहना है कि जलभराव इतना अधिक है कि सड़क पर बने गड्ढों का पता ही नहीं चलता। ऐसे में दोपहिया वाहन चालक आए दिन असंतुलित होकर गिर जाते हैं और चोटिल हो रहे हैं। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

निर्माण के समय ही उठे थे सवाल
स्थानीय निवासियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निर्माण के दौरान ही कथित धांधली की शिकायत की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि महज दो माह में सड़क की यह स्थिति निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच में यदि निर्माण में अनियमितता या घटिया सामग्री का इस्तेमाल सामने आता है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही मार्ग की तत्काल मरम्मत कराकर इसे गड्ढामुक्त कराया जाए, ताकि ग्रामीणों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।






