टिहरी झील की कोटी कॉलोनी में धूमधाम से मनाया गया विश्व पर्यटन दिवस
टिहरी झील में विश्व पर्यटन दिवस पर डिजिटल पर्यटन और AI पर चर्चा, चला स्वच्छता अभियान

जन एक्सप्रेस / नई टिहरी।विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर टिहरी झील के निकट कोटी कॉलोनी में पर्यटन विभाग एवं विभिन्न संस्थानों के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यटन विकास, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई।इस वर्ष कार्यक्रम की थीम पर्यटन के पुनर्गठन के लिए डिजिटल कार्यसूची एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता रही। हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के विशेषज्ञों और संबंधित संस्थानों के प्रतिनिधियों ने पर्यटन क्षेत्र में AI एवं डिजिटल तकनीक के उपयोग को लेकर अपने विचार साझा किए।इस दौरान पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, पर्यटन स्थलों की जानकारी डिजिटल माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने और आधुनिक तकनीक के जरिए पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित करने पर चर्चा हुई।
जिला पर्यटन विकास अधिकारी सोबत सिंह राणा ने जनपद की पर्यटन संभावनाओं और विभिन्न पर्यटन गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों के प्रभावी उपयोग से पर्यटन स्थलों की जानकारी व्यापक स्तर तक पहुंचाने तथा पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने में मदद मिलेगी।भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के कमांडिंग ऑफिसर विपिन मिश्रा ने पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यटन स्थलों के विकास में सामूहिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
निबंध प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने लिया हिस्सा
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज और स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं के बीच ‘पर्यटन में डिजिटल तकनीक एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका’ विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई।
प्रतियोगिता में कु. प्रियंका जोशी ने प्रथम, शुभम तोपवाल ने द्वितीय और निखिल राज ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
टिहरी झील और भागीरथी नदी क्षेत्र में चला स्वच्छता अभियान
कार्यक्रम के दौरान टिहरी झील एवं भागीरथी नदी क्षेत्र में स्वच्छता अभियान भी चलाया गया। नौकाओं के माध्यम से जल क्षेत्र में एकत्रित कूड़ा-करकट और अन्य अपशिष्ट को एकत्र कर तट तक लाया गया तथा उसका उचित निस्तारण किया गया।
पर्यावरण संरक्षण और हरित पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रो. डॉ. विवेक कुमार, डॉ. सुलक्षणा शर्मा, पल्लव असवाल, जल क्रीड़ा निरीक्षक नवीन नेगी, उम्मेद राणा, दरमियान सिंह नेगी, गीता चौहान, लक्ष्मी रावत, मनोज प्रसाद बिजलवान, दर्शन सिंह पवार, ममता सजवान सहित पर्यटन विभाग, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल, संबंधित संस्थानों के अधिकारी-कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।





