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इरफान अंसारी के बयान पर सियासी घमासान, रामदास अठावले और गौरव भाटिया ने राहुल गांधी को भी घेरा

जन एक्सप्रेस /नई दिल्ली :-  झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. इरफान अंसारी के एक बयान को लेकर देश की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया है। नेपाल और बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन का जिक्र करते हुए अंसारी ने केंद्र सरकार को नसीहत दी थी। उन्होंने दावा किया कि देशभर में 40 लाख छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं और अब तक राहुल गांधी ने उन्हें रोक रखा है। उनके इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने इसे लेकर कांग्रेस और विपक्ष पर निशाना साधा है।

रामदास अठावले ने बयान को बताया राष्ट्रविरोधी

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इरफान अंसारी के बयान की आलोचना करते हुए इसे राष्ट्रविरोधी और संविधान को चुनौती देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि देश में कई बड़े आंदोलन हुए हैं, लेकिन भारत कभी बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका जैसा नहीं बना।

अठावले ने खालिस्तान आंदोलन, किसान आंदोलन और महाराष्ट्र में मराठवाड़ा विश्वविद्यालय का नाम बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने के लिए चले 17 साल लंबे आंदोलन का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि संविधान और उससे मिलने वाले अधिकार बेहद महत्वपूर्ण हैं। इस तरह के विरोध प्रदर्शनों से संविधान के मूल उद्देश्यों को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर ने देश का संविधान बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। ऐसे बयानों का विरोध और निंदा होनी चाहिए।

गौरव भाटिया ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने भी इरफान अंसारी के बयान को लेकर कांग्रेस नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड के मंत्री का बयान राहुल गांधी की सोच को दर्शाता है। भाटिया ने राहुल गांधी को गैर-जिम्मेदार और अराजकतावादी सोच वाला नेता बताया।

उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता भारत में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसे हालात पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। भाटिया ने कहा कि भारत की जनता कानून के शासन और शांतिपूर्ण तरीकों में विश्वास रखती है। देश में अराजकता कोई विकल्प नहीं हो सकती।

बीजेपी नेता ने राहुल गांधी से इरफान अंसारी को मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग भी की। इसके अलावा उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस के सवालों को लेकर भी निशाना साधा और केरल के मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग करने की चुनौती दी।

इरफान अंसारी ने क्या कहा था?

दरअसल, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने नेपाल और बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा था कि वहां की सरकारें इसलिए गिर गईं, क्योंकि उन्होंने जनता की आवाज को अनसुना कर दिया था।

उन्होंने दावा किया कि भारत में भी 40 लाख छात्र सड़कों पर उतरने के लिए तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी ने अब तक उन्हें रोक रखा है। अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नेपाल और बांग्लादेश की घटनाओं से सबक लेने की नसीहत भी दी थी।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक तकरार

इरफान अंसारी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने इसे संविधान और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से जोड़ते हुए कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। वहीं, इस पूरे विवाद में राहुल गांधी का नाम भी राजनीतिक बयानबाजी के केंद्र में आ गया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस और इरफान अंसारी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

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