कानपुर में परिवहन निगम कर्मचारियों का धरना, 10 सूत्रीय मांगों के समाधान की मांग

जिला संवाददाता – विवेक पांडेय
जन एक्सप्रेस / कानपुर: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग को लेकर मंगलवार को कानपुर में श्रमिक समाज कल्याण संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय परिसर में एकत्र हुए और अपनी लंबित मांगों को लेकर नारेबाजी की। संघ का कहना है कि पूर्व में सौंपे गए 10 सूत्रीय मांग पत्र पर निर्धारित 15 दिन की अवधि में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिसके विरोध में यह प्रदर्शन किया गया।
धरने में कानपुर मंडल के विभिन्न डिपो और शाखाओं से बड़ी संख्या में कर्मचारी, पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए। कर्मचारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधन से मांगों का जल्द से जल्द निस्तारण करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि उनकी समस्याओं को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय निगम प्रबंधन को समयबद्ध तरीके से समाधान की प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन
श्रमिक समाज कल्याण संघ की ओर से कर्मचारियों की समस्याओं से संबंधित 10 सूत्रीय मांग पत्र पहले ही संबंधित अधिकारियों को दिया गया था। संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक मांग पत्र में उठाई गई समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन समय सीमा पूरी होने के बाद भी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ।
इसी को लेकर कर्मचारियों ने मंगलवार को क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान संघ पदाधिकारियों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए प्रबंधन से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
कानपुर मंडल की कई शाखाओं के कर्मचारी हुए शामिल
धरना-प्रदर्शन में कानपुर मंडल के फतेहपुर, उन्नाव, किदवईनगर, फजलगंज, आजादनगर, विकासनगर और माती डिपो के अलावा क्षेत्रीय कार्यशाला से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हुए।
इन शाखाओं के अध्यक्ष, मंत्री, संघ पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य प्रदर्शन में मौजूद रहे। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को लेकर नारेबाजी की और मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई।
संघ पदाधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर कर्मचारियों को धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा मांग पत्र
धरना-प्रदर्शन के दौरान संघ पदाधिकारियों ने 10 सूत्रीय मांग पत्र क्षेत्रीय प्रबंधक को सौंपा। यह मांग पत्र उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को भी संबोधित है।
पदाधिकारियों ने क्षेत्रीय प्रबंधन से मांग की कि कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं का परीक्षण कर जल्द समाधान कराया जाए। उनका कहना है कि मांगों के निस्तारण में अनावश्यक देरी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
संघ ने प्रबंधन से यह भी अपेक्षा जताई कि कर्मचारियों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर लेकर निर्धारित समय में कार्रवाई की जाए।
समाधान नहीं हुआ तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
धरने के दौरान संघ पदाधिकारियों ने आगे के आंदोलन को लेकर भी चेतावनी दी। उनका कहना है कि यदि 10 सूत्रीय मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो प्रदेश संगठन के आह्वान पर आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है।
पदाधिकारियों के मुताबिक अगले चरण में निगम मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं। संघ ने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी जिम्मेदारी निगम प्रबंधन और प्रशासन की होगी।
हालांकि फिलहाल कर्मचारियों की ओर से क्षेत्रीय स्तर पर मांगों के समाधान के लिए दबाव बनाया गया है और क्षेत्रीय प्रबंधक को मांग पत्र सौंपा गया है।
कई प्रमुख पदाधिकारी रहे मौजूद
धरना-प्रदर्शन में संघ के प्रदेश अध्यक्ष एमएल कुरील, प्रदेश उपाध्यक्ष रामराज विश्वकर्मा, प्रांतीय पदाधिकारी संदीप दुबे, ताराबाबू और आरके दोहरे मौजूद रहे।
इसके अलावा क्षेत्रीय अध्यक्ष गजराज सिंह, क्षेत्रीय मंत्री उमेश सिंह और उपमंत्री कंचन सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कर्मचारी धरने में शामिल हुए।
क्षेत्रीय अध्यक्ष गजराज सिंह ने कर्मचारियों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग उठाई। संघ का कहना है कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का निस्तारण होने तक संगठन की ओर से प्रबंधन के सामने मांगें उठाई जाती रहेंगी।
कानपुर में हुए इस धरना-प्रदर्शन के बाद अब कर्मचारियों की नजर परिवहन निगम प्रबंधन की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होता है तो संघ के पदाधिकारियों ने प्रदेश संगठन के निर्देश पर आंदोलन को आगे बढ़ाने की बात कही है।






