बाढ़ प्रभावित विद्यालयों का संचालन अब शिफ्ट किए गए स्कूलों में होगा

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई। भारी बारिश और गंगा, गर्रा एवं रामगंगा नदियों में आई बाढ़ को देखते हुए हरपालपुर विकासखंड के प्रभावित परिषदीय विद्यालयों का संचालन शिफ्ट किए गए विद्यालयों में कराने के निर्देश दिए गए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी डॉक्टर सुनील सिंह की ओर से जारी आदेश में छात्र-छात्राओं और विद्यालय स्टाफ की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जलभराव वाले विद्यालयों में बच्चों को न बुलाने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार जिन विद्यालयों के परिसर, विद्यालय तक आने-जाने वाले मार्ग अथवा आसपास के क्षेत्र में बाढ़ या बारिश का पानी भरा है और छात्र-छात्राओं के आवागमन में सुरक्षा संबंधी जोखिम है, वहां विद्यालय का सामान्य संचालन नहीं किया जाएगा। ऐसे विद्यालयों के बच्चों को शिफ्ट किए गए विद्यालयों में वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पढ़ाया जाएगा। संबंधित प्रधानाध्यापक, इंचार्ज प्रधानाध्यापक एवं विद्यालय प्रबंधक को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
निर्देश में कहा गया है कि जलभराव अथवा बाढ़ग्रस्त विद्यालय में बच्चों को किसी भी स्थिति में न बुलाया जाए और अभिभावकों को भी इसकी जानकारी दी जाए। साथ ही विद्यालय भवन एवं अभिलेखों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने, जलस्तर बढ़ने या कम होने तथा विद्यालय की वर्तमान स्थिति की सूचना प्रतिदिन उनके कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। किसी आकस्मिक स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देने को भी कहा गया है।
आदेश में विद्यालयों से संबंधित लंबित कार्यों को भी पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। फैमिली आईडी, नजदीकी परिषदीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालय की अपार आईडी तैयार करने, ड्रॉपआउट, प्रेरणा पोर्टल एवं यू-डायस संबंधी कार्य, जीपी/ईपी आदि कार्य तथा विद्यालय संबंधी अन्य पेंडेंसी को पूरा करने को कहा गया है। विद्यालय से संबंधित कोई कार्य अधूरा न रखने और प्रतिदिन सभी पेंडेंसी पूरी करने के निर्देश हैं। टाइम एंड मोशन का भी विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सूची में शामिल शिफ्टेड विद्यालयों के संबंधित प्रधानाध्यापक/इंचार्ज प्रधानाध्यापक अपने विद्यालय के सभी कर्मचारियों के साथ समय से शिफ्ट किए गए विद्यालय में उपस्थित होकर विद्यालय संबंधी कार्य करेंगे तथा वहां अपने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को शिक्षण कार्य कराना सुनिश्चित करेंगे। संबंधित वैकल्पिक स्थान वाले विद्यालय के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज प्रधानाध्यापक प्रत्येक कार्यदिवस पर कर्मचारियों की उपस्थिति का जियोटैग फोटो समय से खण्ड शिक्षा अधिकारी को भेजेंगे। इसमें लापरवाही या उदासीनता मिलने पर विभागीय कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।






