पदोन्नति के लिए पेपर की शर्त के विरोध में कर्मचारियों का प्रदर्शन

फतेहाबाद । सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा ब्लाक फतेहाबाद के कर्मचारियों ने हरियाणा सरकार का कर्मचारी विरोधी फैसले के खिलाफ व पदोन्नति के लिए टेस्ट की शर्त लगाने के विरोध में फतेहाबाद में रोष प्रदर्शन किया और टेस्ट के लिए जारी किए गए फरमान की प्रतियां फूंकी।
इसके बाद कर्मचारियों ने तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर इस फरमान को तुरंत वापस लिए जाने की मांग की। इस दौरान सर्व कर्मचारी संघ के जिला वरिष्ठ उप प्रधान विजय ढाका, सह सचिव वीरू रति, रामनिवास शर्मा सचिव आल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन, राधेश्याम प्रधान हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ, मोहनलाल ढिल्लों, विकास भट्टू, कृष्ण कुमार सहित अनेक अध्यापकों व कर्मचारियों ने भाग लिया।
सकसं के ब्लाक प्रधान राजपाल मिताथल ने कहा कि कर्मचारी 15-20 साल पढा़ई करके बार-बार पेपर देते है। वे सभी पेपर हमारी मर्जी से नहीं, सरकार ही तय करती है परन्तु इन पर सरकार ही शक करती है। फिर एक न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता व एक बार फिर से पेपर लेकर कर्मचारी भर्ती होते है। इससे भी काम नहीं चलता तो सरकार के ही अधिकारी इंटरव्यू भी लेते है। अगर कहीं गलती या कमी है तो भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद है।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार का असल मकसद नियमित कर्मचारियों को न्यूनतम अंक नहीं देकर, नये व अपने लोगों को मजबूरी दिखाते हुए कच्चा, मजबूर नौकर भरना है। 100 प्रतिशत पदों पर होने वाली पदोन्नति अब 40-50 प्रतिशत पदों पर समेटी जाएगी।






