
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- श्रावण मास के प्रथम सोमवार की तैयारियों के तहत जनपद उत्तरकाशी के दूरस्थ क्षेत्र उपतहसील धौंतरी, विकासखंड डुंडा स्थित गाजणा पट्टी के आराध्य देव श्रीतामेश्वर नाग महादेव मंदिर, दिखोली में ग्राम की महिलाओं ने सामूहिक श्रमदान कर मंदिर परिसर, प्राकृतिक जलधारा और मंदिर तक जाने वाले मार्ग की व्यापक साफ-सफाई की। इस दौरान महिलाओं ने मंदिर परिसर में फूलों के पौधे लगाकर सामूहिक पुष्प क्यारी भी तैयार की।
महिलाओं ने मंदिर परिसर के साथ-साथ उस पवित्र प्राकृतिक जलधारा तक जाने वाले लगभग 900 मीटर लंबे पैदल मार्ग की भी सफाई की, जहां से शिवभक्त परंपरानुसार नंगे पांव तांबे के पात्र में जल भरकर मंदिर तक लाते हैं। इसी पावन जल से मंदिर के गर्भगृह में स्थापित प्राकृतिक शिवलिंग का विधि-विधान से जलाभिषेक किया जाता है।
स्थानीय परंपरा के अनुसार, इस प्राकृतिक जलधारा का जल भगवान शिव के अभिषेक के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। श्रावण मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचकर जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करते हैं।
हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ग्राम की महिलाओं ने श्रद्धा, आस्था और सेवा-भाव का परिचय देते हुए मंदिर परिसर, जलधारा और पैदल मार्ग की साफ-सफाई कर श्रावण मास के लिए विशेष तैयारियां पूरी कीं। महिलाओं के इस सामूहिक श्रमदान की स्थानीय लोगों ने सराहना की।
इस अवसर पर मंदिर के रावल पुजारी विनोद प्रसाद नौटियाल ने बताया कि श्रीतामेश्वर नाग महादेव मंदिर क्षेत्र का एक प्राचीन सिद्धपीठ है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास का प्रत्येक सोमवार भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय होता है और जो श्रद्धालु यहां सच्ची श्रद्धा एवं विश्वास के साथ जलाभिषेक, व्रत और पूजा-अर्चना करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
उन्होंने ग्राम की महिलाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे हर वर्ष निस्वार्थ भाव से मंदिर और परिसर की साफ-सफाई में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। इसके अलावा मंदिर में आयोजित भंडारों और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी महिलाएं सक्रिय भूमिका निभाती हैं। उनका सेवा-भाव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
संवाददाता: चंद्रप्रकाश बहुगुणा






