जौनपुर: वक्फ भूमि पर सड़क निर्माण विवाद, शाह का पंजा इमामबाड़ा पर काम रुका

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जफ़राबाद ऐतिहासिक इमामबाड़ा शाह का पंजा (बाबूपुर) की वक्फ भूमि पर हो रहे सड़क निर्माण को लेकर रविवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया
शिया समुदाय के लोगों ने निर्माण कार्य को रोकते हुए आरोप लगाया कि वक्फ की जमीन पर बिना अनुमति सड़क का बजट पास कर कार्य शुरू किया गया है जो धार्मिक स्थान के नियमों के विरुद्ध है
स्थानीय लोगों का कहना है कि 20 रमज़ान को हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत की याद में
निकलने वाले जुलूस की अंतिम मंज़िल यही इमामबारगाह है,जहाँ मगरिब की नमाज़ और इफ्तार वर्षों से होती आ रही है ऐसे में वक्फ भूमि पर सड़क निर्माण को लेकर समुदाय में रोष बढ़ गया।
मुत्तवली तहसीन शाहिद ने उठाई आवाज़
इमामबाड़ा के मुत्तवली तहसीन शाहिद (सभासद, भाजपा) ने बताया कि मामले की लिखित शिकायत
*मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी सहित जनसुनवाई पोर्टल पर भी भेजी गई है
उनका कहना है कि धार्मिक वक्फ भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण केवल वक्फ बोर्ड की अनुमति से ही संभव है।
पुलिस ने हस्तक्षेप कर रोका
मौके पर पहुंचे थाना अध्यक्ष जफ़राबाद श्रीप्रकाश शुक्ला ने दोनों पक्षों से बात कर स्थिति को शांत किया। उन्होंने एक सप्ताह का समय देते हुए कहा कि राजस्व टीम भूमि की नाप करेगी और उसके बाद ही निर्णय होगा कि निर्माण वैध है या नहीं।
दोनों पक्षों ने प्रशासन के इस निर्णय को स्वीकार किया।
सवाल क्या डूडा बिना अनुमति किसी भी भूमि पर सड़क का बजट पास कर सकता है
स्थानीय लोगों ने डूडा (DUDA) की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
नियम के अनुसार किसी भी भूमि विशेषकर वक्फ, मंदिर, मस्जिद, या किसी धार्मिक संस्था की जमीन पर सरकारी निर्माण *बिना स्वामित्व की पुष्टि और संबंधित बोर्ड/ट्रस्ट की अनुमति के नहीं किया जा सकता।
किसी एजेंसी द्वारा बिना भूमि सत्यापन के बजट पास करना प्रक्रिया-विपरीत माना जाता है।
कमीशन या मिलीभगत के आरोप केवल स्थानीय लोगों की शंकाएँ हैं, जिन्हें सिद्ध करने के लिए जांच आवश्यक है।






