
जन एक्सप्रेस /हरिद्वार :- अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में सेक्टर-12 स्थित भाऊराव देवरस सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में “नारी जागरण से राष्ट्र जागरण” विषय पर विराट कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारंभ शांतिकुंज हरिद्वार की महिला मंडल प्रमुख शैफाली पण्ड्या तथा दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. रश्मि सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि डॉ. रश्मि सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नारी सशक्तिकरण ही राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने गायत्री परिवार के इस अभियान को सांस्कृतिक जागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने शिक्षा, संस्कार और सेवा के माध्यम से महिलाओं की नेतृत्वकारी भूमिका को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
सम्मेलन की मुख्य वक्ता एवं शांतिकुंज हरिद्वार की महिला मंडल तथा गायत्री विद्यापीठ की प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों का समाधान सकारात्मक सोच, विवेक और श्रेष्ठ संस्कारों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाए तो परिवार, समाज और राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने गायत्री परिवार की संस्थापिका वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
शांतिकुंज हरिद्वार के श्याम बिहारी दुबे ने कार्यकर्ताओं से अहंकार का त्याग कर सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना के साथ युग निर्माण अभियान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं, गायत्री चेतना केंद्र नोएडा के व्यवस्थापक योगेश शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रज्ञा गीत “अपने जीवन से लिख देंगे युग निर्माणी जीवन गाथा” की सामूहिक प्रस्तुति से हुई। समापन अवसर पर शैफाली पण्ड्या ने डॉ. रश्मि सिंह सहित कई विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मेलन में दिल्ली-एनसीआर से बड़ी संख्या में गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं, महिलाओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
संवाददाता: चंद्रप्रकाश बहुगुणा






