
नई दिल्ली/आनंद (सुनील पांडेय ) 11 अगस्त 2026। नेशनल कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCDFI) और भारतीय सेना ने देश के सीमावर्ती और दूर-दराज के क्षेत्रों में दूध की सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया है। गुजरात के आनंद में आयोजित “डेयरी-डिफेंस पार्टनरशिप कोऑपरेटिव कॉन्क्लेव” में सेना, डेयरी सहकारिताओं और संबंधित संस्थानों के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर चर्चा की।
NCDFI के चेयरमैन और NDDB के प्रमुख डॉ. मीनेश शाह ने कहा कि सेना और डेयरी सहकारिताओं के बीच यह साझेदारी करीब चार दशक पुरानी है। इससे सेना को भरोसेमंद दूध मिलता है, सहकारिताओं को एक बड़ा और स्थायी बाजार मिलता है और डेयरी किसानों को नियमित आमदनी का लाभ मिलता है।
उन्होंने सीमावर्ती और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर दूध की खरीद, प्रोसेसिंग, ठंडा रखने की व्यवस्था और सप्लाई नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि हर अतिरिक्त लीटर दूध किसानों और देश की सेवा कर रहे जवानों को जोड़ने का काम करता है।
भारतीय सेना के डायरेक्टर जनरल ऑफ सप्लाइज एंड ट्रांसपोर्ट लेफ्टिनेंट जनरल मुकेश चड्ढा ने कठिन इलाकों में सेना तक दूध पहुंचाने के लिए NCDFI और उसकी सदस्य सहकारिताओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में डेयरी सहकारिताओं को मजबूत करने से स्थानीय रोजगार और किसानों की आय बढ़ सकती है। इससे लोगों को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर जाने से रोकने में भी मदद मिलेगी।
बैठक में भारतीय सेना, ITBP और असम राइफल्स के अधिकारियों ने दूध की मौजूदा सप्लाई और भविष्य की जरूरतों पर चर्चा की। जहां स्थानीय स्तर पर ताजा दूध उपलब्ध हो सकता है, वहां इसकी सप्लाई बढ़ाने पर जोर दिया गया। वहीं दुर्गम क्षेत्रों में लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाले UHT दूध की आपूर्ति जारी रखने की बात कही गई।
रक्षा मंत्रालय के साथ NCDFI की साझेदारी 1984 में शुरू हुई थी। वर्ष 2025-26 में 117 डेयरी सहकारिताओं के साथ इसका अनुबंध मूल्य 1,627 करोड़ रुपये रहा। इसी वर्ष सेना को 18.48 करोड़ लीटर ताजा दूध और ताजा व UHT दूध मिलाकर कुल 22.60 करोड़ लीटर दूध की आपूर्ति की गई। सीमावर्ती और पूर्वोत्तर क्षेत्रों की 10 सहकारिताओं ने सेना की 196 यूनिट्स को 6.44 करोड़ लीटर ताजा दूध पहुंचाया।






