विकास योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समय से पूरे कराएं अधूरे पंचायत भवन: डीएम

जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई डीएम राहुल पाण्डेय ने विकास खंड स्तर पर संचालित विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में 15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, केंद्रीय वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि लाभार्थियों को किस्त जारी होने के बाद आवास निर्माण की प्रगति का स्थलीय सत्यापन कराया जाए। विशेष रूप से दूसरी किस्त जारी करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार निर्माण कार्य की जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को नियमानुसार लाभ मिल सके और आवासों का निर्माण समय से पूरा हो।
अधूरे पंचायत भवनों का निर्माण प्राथमिकता पर
डीएम ने अपूर्ण पंचायत भवनों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन ग्रामीण क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन और ग्रामीणों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण केंद्र हैं। ऐसे में इनके निर्माण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर जोर
वीबी-जी राम जी योजना की समीक्षा के दौरान डीएम ने विशेष अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की नियमित निगरानी कर प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
गांवों में विकास और स्वच्छता व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश
15वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग एवं केंद्रीय वित्त आयोग के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने आवंटित धनराशि का नियमानुसार उपयोग करने तथा गांवों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई की व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत कचरे के उचित निस्तारण के निर्देश दिए गए। वहीं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए पात्र समूहों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया गया।बैठक में सीडीओ नेहा ब्याडवाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संस्कृति त्रिवेदी, पीडी डीआरडीए अशोक कुमार मौर्य सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।






