सवायजपुर में भाजपा से दावेदारी को लेकर सक्रिय अंशुमान सिंह, जनसंपर्क से मजबूत कर रहे अपनी पकड़

रिपोर्ट-बी जी मिश्र/जिला संवाददाता
जन एक्सप्रेस/हरदोई :- हरदोई आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सवायजपुर क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच भाजपा के पूर्व सांसद एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह के पुत्र अंशुमान सिंह 154-सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट के दावेदार के रूप में लगातार सक्रिय हैं। गांव-गांव जनसंपर्क, ग्रामीणों से सीधा संवाद और सामाजिक सेवा के माध्यम से वह क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत करने में जुटे हैं।
अंशुमान सिंह लगातार विधानसभा क्षेत्र के गांवों का भ्रमण कर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को करीब से समझने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में गंगा और रामगंगा नदियों में आई बाढ़ के दौरान भी उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और उनकी परेशानियों की जानकारी ली। आपदा के समय बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच पहुंचने के साथ ही वह सामान्य दिनों में भी जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को जानने और उनके साथ जुड़ाव मजबूत करने में सक्रिय हैं।
गरीबों, दिव्यांगों और असहाय लोगों की सहायता के उद्देश्य से संचालित मीरा देवी अवधविहारी सिंह मेमोरियल ट्रस्ट के माध्यम से भी अंशुमान सिंह सामाजिक कार्यों को गति दे रहे हैं। ट्रस्ट के जरिए जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के प्रयासों के साथ वह समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने पर जोर दे रहे हैं। जनसंपर्क के साथ सामाजिक सरोकारों पर उनका ध्यान उन्हें क्षेत्र की राजनीतिक चर्चाओं में लगातार बनाए हुए है।

अंशुमान सिंह की राजनीतिक पहचान उनके पिता राघवेंद्र सिंह की राजनीतिक और प्रशासनिक पृष्ठभूमि से भी जुड़ी है। राघवेंद्र सिंह वर्ष 1998 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में शाहाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे थे। वहीं, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में उन्होंने प्रदेश के महाधिवक्ता की जिम्मेदारी निभाई थी। अब अंशुमान सिंह अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में सवायजपुर विधानसभा क्षेत्र में सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
भाजपा से टिकट की दावेदारी के बीच अंशुमान सिंह के पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और संगठन में अच्छे संबंध होने की भी चर्चा है। हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी का अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व को करना है, लेकिन अंशुमान सिंह की निरंतर क्षेत्रीय सक्रियता, जनता से सीधा संवाद और सामाजिक सेवा के प्रयास उनकी दावेदारी को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं।






