मुलायम को क्यों कहा जाता था धरतीपुत्र?
दिल्ली से कभी आप कलकत्ता की तरफ जाते हैं तो एक शहर पड़ता है जिसकी सड़कों पर हमेशा चहल-पहल रहती है। शहर का नाम है जसवंतनगर, इटावा के करीब का शहर। इसी जसवंतनगर सीट पर साल 1967 में डॉ. राममनोहर लोहिया की संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़कर मुलायम सिंह यादव माननीय विधायक बने थे। यूपी के धरतीपुत्र प्रदेश के हर जिले में उनके जुड़ी हजार किंवदंतियां आपको सुनने को मिल जाएंगी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का 10 अक्टूबर को निधन हो गया। मुलायम सिंह यादव का पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए जाया जा रहा है। अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ा। मुलायम सिंह ने अपने 55 साल के राजनीतिक करियर में साढ़े तीन दशक तक तो केंद्र की राजनीति से दूरी बनाए रखी, लेकिन बसपा से अलगाव के बाद जब दिल्ली का रूख किया तो देश की राजनीतिक के धुरी बन गए।






