नशे से दूर रहकर भविष्य संवारें युवा
विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशे से दूरी ही बेहतर भविष्य
कर्णप्रयाग, जन एक्सप्रेस उत्तराखंड
डॉ. शिवानन्द नौटियाल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कर्णप्रयाग में जिला समाज कल्याण विभाग, चमोली एवं नेह ट्रस्ट फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “नशा मुक्त युवा–नशा मुक्त भारत अभियान” के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ, सकारात्मक एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की बाल कल्याण अधिकारी रजनी पंवार, अंजलि बर्त्वाल, अनिल नेगी एवं संजीव बुटोला ने विद्यार्थियों को नशे के कारण होने वाली विभिन्न समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं। युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक दिशा में होना चाहिए। नशे की आदत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है, बल्कि उसके परिवार, शिक्षा, करियर और सामाजिक जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नशे जैसी बुराइयों से दूरी बनाए रखें और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा, खेल, रचनात्मक गतिविधियों एवं कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित करें। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं में जागरूकता बढ़ाकर नशामुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
नेह ट्रस्ट फाउंडेशन के निदेशक सुनील पुंडीर ने नशे की ओर युवाओं के आकर्षित होने के कारणों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके पारिवारिक और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित कर सकती है। उन्होंने युवाओं को नशे की शुरुआत से ही सतर्क रहने तथा किसी भी प्रकार के दबाव या गलत संगत की स्थिति में परिवार, शिक्षकों और विशेषज्ञों से सहयोग लेने की सलाह दी।कार्यक्रम के दौरान नेह प्रोडक्शन एवं समाज कल्याण विभाग द्वारा निर्मित जागरूकता वीडियो फिल्म ‘जहर की राह’ का प्रदर्शन किया गया। फिल्म के माध्यम से नशे के कारण परिवार और समाज के सामने उत्पन्न होने वाली विभिन्न समस्याओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। फिल्म ने विद्यार्थियों को नशे के गंभीर परिणामों के प्रति सोचने और इससे दूर रहने का संदेश दिया। छात्र-छात्राओं ने फिल्म को गंभीरता से देखा और इसके संदेश को समझने का प्रयास किया।कार्यक्रम के समापन पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं महाविद्यालय के कर्मचारियों को ‘नशा मुक्त भारत’ की शपथ दिलाई गई। सभी ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में युवाओं से अपील की गई कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।

इस अवसर पर नेह ट्रस्ट फाउंडेशन के मीडिया हेड मोहन नेगी, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. राम अवतार सिंह, नशा मुक्त समिति के नोडल अधिकारी डॉ. रविन्द्र सिंह नेगी सहित समिति के सदस्य डॉ. चन्द्रमोहन जन्स्वाण, डॉ. पूनम, डॉ. नेहा तिवारी, डॉ. कीर्तिराम डंगवाल, डॉ. स्वाति सुन्दरियाल, डॉ. तरुण कुमार एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि नशे से दूरी ही बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं की सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली और जागरूकता से ही नशामुक्त समाज और मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।






