
जिला संवाददाता- महेश रावत
जन एक्सप्रेस / विकास नगर: नव नियुक्त डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर चकराता (डीएफओ) अमित कवल ने मीडिया से खास मुलाकात में साफ चेतावनी दे दी है, अब क्षेत्र में अवैध पातन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी जगह पेड़ों की अवैध कटाई हुई, तो संबंधित बीट अधिकारी और वन दरोगा के खिलाफ सीधी कार्रवाई होगी। खनन की शिकायत आई तो भी कोई रियायत नहीं मिलेगी।
डीएफओ कवल ने बताया कि चकराता डिवीजन में कई सालों से क्षेत्रवासियों को माफी की लकड़ी नहीं मिली। अब जल्द ही रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे कि यह लकड़ी लोगों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसे इको-टूरिज्म से जोड़ने की पूरी कोशिश की जाएगी।
तस्करी रोकने के लिए अब हर बैरियर पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले तस्करों पर नजर रखी जा सके। मुखबरी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा। सभी रेंज अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनता के साथ अच्छे संबंध बनाकर काम करें, ताकि विभाग को सहयोग मिले। डीएफओ ने जोर देकर कहा कि विभाग खुद मैदान में उतरे, लोगों से समन्वय बढ़ाए और मुखबिर नेटवर्क मजबूत करे।
उन्होंने एक और अच्छी खबर दी, जनता और विभाग मिलकर पौधे लगाएंगे, ताकि क्षेत्र में हरियाली बनी रहे। साथ ही बदहाल पड़े बंगलों की मरम्मत कराई जाएगी, जिससे बाहरी पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि मोल्टा में स्थित वन विभाग का बंगले की जल्द ही रिपेयरिंग की जाएगी।
नए डीएफओ का यह सख्त और साफ रुख साफ बता रहा है कि अब चकराता के जंगलों में कोई मनमानी नहीं चलेगी। अवैध कटान और तस्करी करने वालों की अब खैर नहीं!






